चीन के जिनजियांग में जूता फैक्ट्री हादसा क्यों सुरक्षा नियमों की गंभीर विफलता है

चीन के जिनजियांग में जूता फैक्ट्री हादसा क्यों सुरक्षा नियमों की गंभीर विफलता है

चीन का जिनजियांग शहर दुनिया भर में अपने जूता उद्योग के लिए जाना जाता है। इसे अक्सर दुनिया की 'जूतों की राजधानी' भी कहा जाता है। लेकिन गुरुवार दोपहर इसी औद्योगिक हब से एक ऐसी खौफनाक खबर आई जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। यहाँ की हूटेंग शू कंपनी की एक पांच मंजिला फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते 28 मासूम मजदूरों की जिंदगी लील ली। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने का नतीजा है।

जब दोपहर के करीब 12 बज रहे थे, तब फैक्ट्री के अंदर 237 कर्मचारी और दो बाहरी लोग मौजूद थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ ही मिनटों में यह कंक्रीट की इमारत एक डेथ ट्रैप बन जाएगी।

ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुआ मौत का तांडव

शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि आग की शुरुआत इमारत की पहली मंजिल यानी ग्राउंड फ्लोर से हुई थी। यहाँ फैक्ट्री का मुख्य वर्कशॉप और बड़ा गोदाम था। जूते बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, जैसे रबर, सिंथेटिक सोल और सबसे खतरनाक एडहेसिव यानी केमिकल गोंद, यहाँ भारी मात्रा में जमा थे।

ये सभी चीजें अत्यधिक ज्वलनशील होती हैं। जैसे ही चिंगारी भड़की, इन रसायनों ने पेट्रोल की तरह काम किया। आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपरी मंजिलों पर काम कर रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। धुएं का रंग इतना गहरा और काला था कि कुछ ही सेकेंड्स में पूरी दृश्यता खत्म हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हवा में रसायनों की इतनी तीखी गंध थी कि आंखों में भयंकर जलन होने लगी और सांस लेना नामुमकिन हो गया।

सीढ़ियों पर जमा कचरा बना सबसे बड़ी रुकावट

इस पूरे हादसे में सबसे चौंकाने वाली और गुस्सा दिलाने वाली बात दमकल विभाग के बयान से सामने आई। स्थानीय दमकल अधिकारी ने बताया कि फैक्ट्री की सीढ़ियों और आपातकालीन रास्तों पर जूते बनाने के सोल और भारी स्क्रैप जमा करके रखा गया था।

जब नीचे आग लगी, तो मजदूर सीढ़ियों के रास्ते नीचे भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन रास्ता ब्लॉक होने के कारण वे वहीं फंस गए। यही वजह रही कि बचाव दल को भी अंदर घुसने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। 183 दमकलकर्मियों और 35 गाड़ियों को आग पर काबू पाने में चार घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। जब रास्ते जाम हों, तो आधुनिक से आधुनिक उपकरण भी धरे के धरे रह जाते हैं।

छत पर फंसे मजदूरों की बेबसी

सोशल मीडिया पर इस घटना के जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, वे दिल दहला देने वाले हैं। नीचे भयंकर लपटें थीं और बचने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए दर्जनों मजदूर जान बचाने के लिए पांचवीं मंजिल की छत की तरफ भागे।

  • वीडियो में साफ दिख रहा है कि पूरी इमारत काले धुएं के गुबार से घिरी हुई है।
  • लोग छत के कोनों पर खड़े होकर नीचे खड़े सुरक्षाकर्मियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
  • बदहवासी का आलम यह था कि एक मजदूर ने जान बचाने के लिए इतनी ऊंचाई से नीचे छलांग लगा दी।

प्रशासन ने 213 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का दावा किया है, लेकिन अस्पताल ले जाते ही दो लोगों ने दम तोड़ दिया। बाद में मलबे और कमरों से 26 और शव बरामद हुए, जिससे मौत का आंकड़ा 28 तक पहुंच गया।

🔗 Read more: ...

मुनाफे के चक्कर में नियमों की अनदेखी कब तक

चीन में औद्योगिक हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि साल 2025 में ही देश भर में कार्यस्थल पर हुए हादसों में 18,261 लोगों की जान गई थी। कंपनियां अक्सर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए लेबर कॉस्ट और सेफ्टी ऑडिट में कटौती करती हैं।

इस बार लापरवाही इतनी साफ थी कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को खुद सामने आकर सख्त कार्रवाई के निर्देश देने पड़े। फिलहाल प्रशासन ने फैक्ट्री के मालिक और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है और कंपनी के सारे बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए गए हैं।

अगर आप एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाते हैं या किसी कारखाने में काम करते हैं, तो इस हादसे से तुरंत सबक लेने की जरूरत है। सबसे पहले अपनी वर्कशॉप के इमरजेंसी एग्जिट यानी आपातकालीन निकास को तुरंत चेक करें। वहाँ कोई भी सामान या कबाड़ जमा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, केमिकल और ज्वलनशील पदार्थों को कभी भी मुख्य निकास रास्तों के पास स्टोर न करें। याद रखिए, सुरक्षा नियमों में की गई एक छोटी सी कोताही दर्जनों परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे सकती है।

BM

Bella Miller

Bella Miller has built a reputation for clear, engaging writing that transforms complex subjects into stories readers can connect with and understand.